Thursday, February 13, 2020

हम ऑफ़िस से ज़रूरी छुट्टियां क्यों नहीं ले पाते हैं?

साल 2014 में सोशल मीडिया मैनेजमेंट कंपनी बफ़र के टॉप मैनेजमेंट ने कुछ अजीब महसूस किया.

कंपनी ने 2012 में असीमित छुट्टियों की नीति लागू की थी, लेकिन कर्मचारी शायद ही कोई छुट्टी ले रहे थे.

बफ़र के कर्मचारी दुनिया भर में फैले हुए हैं, मुख्य रूप से अमरीका और यूरोप में. उनको छुट्टी लेने के लिए प्रेरित करने की ख़ातिर कंपनी ने एक नई नीति बनाई.

हर कर्मचारी के लिए एक हज़ार डॉलर का सालाना छुट्टी बोनस और पार्टनर या परिवार के हर सदस्य के लिए 500 डॉलर का अतिरिक्त बोनस शुरू किया गया.

ये योजना बहुत सफल रही. वास्तव में ये इतनी कामयाब रही कि कंपनी को बहुत अधिक पैसे ख़र्च करने पड़े. बफ़र ने जून 2016 में इसे बंद कर दिया.

उसी साल बफ़र ने दूसरी नीति बनाई. असीमित छुट्टियों के बदले इसने कर्मचारियों को साल में कम से कम 15 छुट्टियां लेने के लिए प्रोत्साहित करने का फ़ैसला किया.

ऑनलाइन प्लानर का इस्तेमाल करके कर्मचारी अपनी छुट्टी के लिए आवेदन कर सकते हैं और एचआर के लोग एक सामूहिक कैलेंडर के ज़रिए देखते हैं कि लोग कितने दिनों की छुट्टियां ले रहे हैं.

बफ़र की न्यूनतम अवकाश नीति तकनीकी कंपनियों में आम नहीं है.

स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों में असीमित छुट्टियों की नीति चलती हैं, लेकिन ये छुट्टियां कुछ भी हों, असीमित नहीं होतीं.

कर्मचारी अक्सर काम, मैनेजर और कंपनी संस्कृति के बोझ तले दबे रहते हैं और उचित मात्रा में छुट्टी नहीं ले पाते.

क्या कम से कम एक निश्चित संख्या में छुट्टियां लेने के लिए उन पर ज़ोर देना उनको बर्नआउट से बचाने का बेहतर तरीक़ा हो सकता है?

अमरीका एकमात्र ऐसा विकसित देश है जहां कर्मचारियों को वेतन के साथ छुट्टियों पर भेजने के बारे में कोई संघीय क़ानून नहीं है.

क़रीब 77 फ़ीसदी अमरीकी नियोक्ता कर्मचारियों को भुगतान के साथ छुट्टियों पर भेजने की पेशकश करते हैं, लेकिन इसके बदले दी जाने वाली राशि अलग-अलग होती है.

कुल मिलाकर अमरीकी कर्मचारी कई अन्य विकसित देशों के मुक़ाबले कम छुट्टियां लेते हैं.

2014 में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने पाया कि अमरीकी श्रमिक साल में लगभग 1,789 घंटे काम करते हैं. अमरीका इस मामले में 16वें स्थान पर है.

मेक्सिको 2,228 घंटे के साथ पहले स्थान पर और जर्मनी 1,366 घंटे के साथ आख़िरी स्थान पर हैं.

अमरीका के उलट, यूरोपीय संघ के हर सदस्य देश के लिए अनिवार्य है कि वे कर्मचारियों को वेतन के साथ सालाना कम से कम चार हफ़्ते की छुट्टी का क़ानून बनाएं.

ऑस्ट्रिया इस मामले में सबसे आगे है. उसने अपने यहां 35 दिनों की सवैतनिक छुट्टी का क़ानून बनाया है.

इसी तरह, न्यूज़ीलैंड में नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को कम से कम 4 हफ़्ते वेतन के साथ छुट्टी देना ज़रूरी है. इनमें सार्वजनिक अवकाश या बीमारी के लिए छुट्टी शामिल नहीं हैं.

बफ़र में, न्यूनतम अवकाश नीति को लागू करने के पीछे एक भ्रम था. कर्मचारियों की समझ में नहीं आ रहा था कि वे कितनी छुट्टियां ले सकते हैं. इसकी वजह शायद यह थी कि इसका कोई सामान्य पैमाना नहीं था.

बफ़र की जनसंपर्क प्रमुख हेली ग्रिफ़िस कहती हैं, "लोगों को पता नहीं होता कि अन्य लोग कितनी छुट्टियां ले रहे हैं."

"हम नहीं चाहते कि लोग बर्नआउट के शिकार हो जाएं. हम चाहते हैं कि कर्मचारियों की जीवनशैली संतुलित रहे."

इस भ्रम से बचाव का प्रयास उन सभी कंपनियों ने किया है जिन्होंने असीमित अवकाश छोड़कर न्यूनतम अवकाश की नीति अपनाई है.

सैन फ्रांसिस्को की रिमोट एनालिटिक्स एंड फोरकास्ट कंपनी बेयरमेट्रिक्स के सीईओ जोश पिगफ़ोर्ड ने असीमित अवकाश की नीति ख़त्म कर दी क्योंकि लोग उसकी सीमाएं नहीं जानते थे.

पिगफ़ोर्ड कहते हैं, "हक़ीक़त यह है कि उसकी सीमाएं हैं, जैसे आप पूरे साल छुट्टी नहीं ले सकते."

पिगफ़ोर्ड ने यह भी देखा कि लोग छुट्टी नहीं लेते या छुट्टी लेने वाले अन्य लोगों के प्रति कुछ दुश्मनी पाल लेते हैं.

अब उन्होंने हर कर्मचारी के लिए साल में कम से कम चार हफ़्ते की छुट्टी लेनी ज़रूरी कर दी है, जिसमें कम से कम एक छुट्टी एक हफ़्ते या उससे लंबी होगी.

बेयरमेट्रिक्स एक सार्वजनिक स्प्रेडशीट के ज़रिये छुट्टी को ट्रैक करता है, जिससे पता चलता रहता है कि कौन-सा कर्मचारी ज़रूरी छुट्टियां ले रहा है.

फ़्लोरिडा की जॉब-सर्च कंपनी ऑथेंटिक जॉब्स में कर्मचारियों को चिंता रहती थी कि बहुत ज्यादा छुट्टियां लेने से उनके सहकर्मियों को समस्या होने लगेगी.

कंपनी के संस्थापक और पूर्व सीईओ कैमरन मोल कहते हैं, "आप हमेशा संदेह करते हैं. क्या मुझे यह छुट्टी लेनी चाहिए क्योंकि मेरे सहकर्मी ने इतनी छुट्टियां नहीं ली हैं."

जब इस कंपनी ने न्यूनतम छुट्टियां तय कर दीं तो नई नीति का असर तुरंत ही दिखने लगा.

मोल का कहना है कि कर्मचारियों को "तुरंत ज़हनी सुकून" मिला और वे छुट्टी के समय के बारे में अलग तरह से सोचने लगे.